हारा हूँ बाबा – खाटू श्याम भजन लिरिक्स (Hindi)
यह भजन एक हारे हुए भक्त की पीड़ा, विश्वास और श्याम बाबा पर अटूट श्रद्धा को अत्यंत भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करता है। कन्हैया मित्तल जी की भावपूर्ण आवाज़ और सरल शब्द इस भजन को हर श्याम प्रेमी के दिल से जोड़ देते हैं।
हारा हूँ बाबा एक भावपूर्ण खाटू श्याम भजन है, जिसमें एक हारे हुए भक्त की पुकार, विश्वास और श्याम बाबा पर अटूट श्रद्धा व्यक्त की गई है।
हारा हूँ बाबा – भजन लिरिक्स
कितना हारा, कितना बेचारा,
तेरा नाम हारे का सहारा है
फिर भी श्याम, मैं क्यों बेसहारा हूँ
मैं भी उड़ने वाला परिंदा हूँ,
तेरे नाम से ही ज़िंदा हूँ
आओ श्याम, सँभालो मुझे,
यही गाता रहता हूँ
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
मेरे माँझी बन जाओ, मेरी नाव चला जाओ
बेटे को बाबा, श्याम गले लगा जाओ
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता
बिन बोले भक्तों की बिगड़ी बनाता
मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता
बिन बोले भक्तों की बिगड़ी बनाता
अपनों के सताए हैं,
तेरी शरण में आए हैं
अपनों के सताए हैं,
तेरी शरण में आए हैं
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
तुमसे ही जीवन मेरा, ओ मेरे बाबा
कैसे चलेगा, समझ ना आता
तुमसे ही जीवन मेरा, ओ मेरे बाबा
कैसे चलेगा, समझ ना आता
तुम धीर बँधाते हो, तो साँसें चलती हैं
मुझे समझ ना आता है, मेरी क्या गलती है
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
परिवार मेरा तेरे गुण है गाता
दोषी तो मैं हूँ, उन्हें क्यों सताता
परिवार मेरा तेरे गुण है गाता
दोषी तो मैं हूँ, उन्हें क्यों सताता
उनको भी भरोसा है, तूने पाला-पोसा है
उनको भी भरोसा है, तूने पाला-पोसा है
हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है
जीतूँगा एक दिन, मेरा दिल ये कहता है
मेरा दिल ये कहता है,
मेरा दिल ये कहता है



















